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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 45 / 47

अर्जुन
अर्जुन
हे, एक राज्य के सुखों को पाने की बड़ी लालसा से प्रेरित होकर, निकट के रिश्तेदारों को मारने का प्रयास करना, कितना अजीब है।
⚔️ रिश्तों को नष्ट करने वाली लालसा: तुम्हारा मनोविकार कहाँ है?
अर्जुन अपने रिश्तेदारों के खिलाफ लड़ने के लिए अनिच्छुक है। क्या लालसा तुम्हें रिश्तों को नष्ट करने के लिए प्रेरित करती है?
  • 💔 रिश्ते और लालसा — लालसा रिश्तों को नष्ट कर सकती है।
💭 तुम्हारी लालसाएँ तुम्हारे रिश्तों को कैसे प्रभावित करती हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।