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श्लोक : 15 / 29

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
किसी भी मनुष्य के पाप के कार्यों या अच्छे कार्यों को भगवान वास्तव में स्वीकार नहीं करते; उनके ज्ञान के अभाव के कारण जीव भ्रमित होते हैं।
🔍 कृष्ण कहते हैं अज्ञानता, तुम्हारे कर्मों का परिणाम क्या?
कृष्ण यहाँ अज्ञानता के अंधकार की बात करते हैं। यह तुम्हारे कर्मों की सच्चाई को छुपाता है।
  • 🌫️ अज्ञानता का अंधकार — अज्ञानता तुम्हारे मन को भ्रमित करती है।
💭 क्या अज्ञानता तुम्हारे कर्मों के वास्तविक परिणामों को छुपाती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।