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श्लोक : 14 / 29

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
सृष्टिकर्ता कार्यों में संलग्न नहीं होता; मानवता का भगवान कार्यों के परिणामों का निर्माण नहीं करता; लेकिन बंधन स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होता है।
🌿 कृष्ण द्वारा प्रकृति का संबंध, तुम्हारे कर्मों का परिणाम
कृष्ण द्वारा यह श्लोक कर्मों की प्रकृति को समझाता है। तुम्हारे कर्मों के परिणाम प्रकृति द्वारा तय होते हैं।
  • 🔄 कर्मों की प्रकृति — कर्मों के परिणाम प्रकृति द्वारा निर्मित होते हैं।
💭 क्या तुम अपने कर्मों के परिणामों को प्राकृतिक रूप से स्वीकार करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।