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श्लोक : 21 / 28

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
लेकिन, वापस लेने के लिए दिया गया दान; या किसी भी पुरस्कार को लक्ष्य बनाकर दिया गया दान; और, बिना किसी इच्छा के दिया गया दान; वह दान तृष्णा [राजस] गुण के साथ कहा जाता है।
🎁 लोभ के बिना दान देने की तुम्हारी मानसिकता
कृष्ण दान के सच्चे उद्देश्य को स्पष्ट करते हैं। आज, क्या तुम्हारे कार्यों में लोभ है?
  • 💭 मानसिक शांति — लोभ मानसिक शांति को नष्ट करता है।
💭 क्या तुम्हारे कार्यों में लोभ है या नहीं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।