यह इंद्रियों के सभी गुणों में देखा जाता है; यह सभी इंद्रियों के माध्यम से वितरित किया जाता है; यह बहुत शक्तिशाली है; यह सभी को स्थिर करता है; इसके पास कोई गुण नहीं है; और, यह सभी गुणों को अनुभव करता है।
भगवान श्री कृष्ण
🌌 इंद्रियों का शासन, आत्मा की स्थायित्वता
कृष्ण आत्मा की व्यापकता को समझाते हैं। इंद्रियों के दास न बनकर, आत्मा की स्थिरता को समझना महत्वपूर्ण है।
- इंद्रियों का शासन — इंद्रियाँ तुम्हारे मन को नियंत्रित करती हैं।
💭 क्या तुम्हारा मन इंद्रियों का दास नहीं है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।