इसके हाथ और पैर सभी स्थानों पर हैं; इसका सिर, चेहरा और आंखें सभी स्थानों पर हैं; इसके कान सभी स्थानों पर हैं; यह दुनिया में स्थिर है; और, यह सबको ढकता है।
भगवान श्री कृष्ण
🌌 दुनिया में फैली परमात्मा की शक्ति
भगवान श्रीकृष्ण यहाँ परमात्मा की सर्वव्यापी प्रकृति का उल्लेख करते हैं। तेरे जीवन के हर क्षण में वह मौजूद है।
- हर जगह आँखें — हर स्थान पर वह तुझे देखता है।
💭 तेरे जीवन के किन क्षणों में तू परमात्मा की शक्ति को महसूस करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।