अर्जुन, मैं अपनी पूर्णता के माध्यम से, तुम्हें अपना यह दिव्य रूप दिखाने में आनंदित हूँ; वह रूप सम्पूर्ण ब्रह्मांड में प्रकाश से भरा हुआ है, यह सभी के लिए एक अनंत आश्रय है; तुम्हारे अलावा और कोई भी मेरे इस रूप को पहले नहीं देख चुका है।
भगवान श्री कृष्ण
🌌 कृष्ण का दिव्य रूप: तुम्हारा मन कहाँ है?
कृष्ण अर्जुन को दिव्य रूप दिखाते हैं। यह मन को ऊँचा उठाने वाला दर्शन है। क्या आज भी तुम्हारे जीवन में वही भावना है?
- मन की शांति — सुंदर दर्शन मन की शांति लाता है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन सा क्षण तुम्हें ऊँचा उठाता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।