मनुष्यों में सबसे नीच मूर्ख मुझ तक नहीं आ सकता; उसका ज्ञान माया द्वारा छिपा हुआ है, इसलिए वह बुरे कार्यों में जीता है।
भगवान श्री कृष्ण
🌀 माया के जाल में, क्या तुम्हारी सच्ची दिव्य प्रकृति छिप रही है?
कृष्ण माया के प्रभाव को समझाते हैं। यह हमारे ज्ञान को छिपाकर, बुरे कर्मों में खींचती है।
- माया का प्रभाव — माया तुम्हारे सच्चे उद्देश्य को छिपाती है।
💭 तुम्हारे जीवन में माया का प्रभाव कैसे प्रकट होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।