शाम को काम खत्म करके घर लौटे कुमार, अपनी पत्नी के साथ बात कर रहे थे। 'आज रात हम बच्चों के साथ खेल सकते हैं,' उन्होंने कहा। लेकिन, पत्नी सोशल मीडिया में डूबी हुई थी। 'मैं एक मिनट देखती हूँ,' उसने कहा।
उनकी बेटी, सिंधु, अपने माता-पिता का ध्यान पाने की उम्मीद कर रही थी। 'माँ, पिता, क्या मैं आपके साथ खेल सकती हूँ?' उसने कहा। लेकिन, दोनों अपने मोबाइल में डूबे हुए थे।
उस समय, कुमार के मन में एक छोटी सी सोच आई। 'अगर हम अभी बच्चों के साथ समय नहीं बिताते हैं, तो क्या कल वे हमें खोजने आएंगे?' उन्होंने अपने आप से कहा। तुरंत, उन्होंने मोबाइल छोड़ दिया और सिंधु के साथ खेलने लगे।
उस रात, कुमार और उनकी पत्नी ने सिंधु के साथ खुशी से समय बिताया। 'यही असली परिवार का समय है,' कुमार और उनकी पत्नी ने महसूस किया।