सही समय पर; गुरु वंश के कोल्लू दादा और पांडवों और कौरवों के दादा वीरता से भरपूर भीष्म, गरजते सिंह की तरह बहुत जोर से अपनी शंख बजाने से, दुर्योधन की खुशी बढ़ गई।
संजय
🎺 भीष्म के शंख की ध्वनि से दुर्योधन प्रसन्न होता है
भीष्म के शंख की ध्वनि युद्ध के उत्साह को बढ़ाती है। आज भी, उत्साह हमारे कार्यों में प्रतिबिंबित होना चाहिए।
- उत्साह की शक्ति — उत्साह तेरे कार्यों को प्रेरित करता है।
💭 तेरी जिंदगी में कौन सी ध्वनि तुझे उत्साह देती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।