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श्लोक : 20 / 34

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
स्वर्गलोक में जाना चाहने वाले तीन वेदों के ज्ञानी [ऋक, साम और यजुर्वेद] और सोम पेय का सेवन करने वाले, पापों से मुक्त होने के लिए मुझे बलिदान अर्पित करते हैं; वे इंद्रलोक को प्राप्त कर देवलोक स्वर्गलोक की सुख का अनुभव करते हैं।
🌌 स्वर्ग का सुख अस्थायी है, तुम्हारी आत्मा कहाँ जा रही है?
कृष्ण स्वर्ग के सुख की अस्थायित्वता बताते हैं। दीर्घकालिक आध्यात्मिक लक्ष्य खोजें।
  • 🎭 अस्थायी सुख — स्वर्ग का सुख केवल एक समय के लिए रहता है।
💭 तुम्हारे जीवन का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।