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श्लोक : 20 / 28

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
लेकिन प्रकट और अप्रकट से परे एक और चीज़ है; वह शाश्वत है; सभी जीव छिप जाते हैं; वह कभी भी छिपता नहीं है।
🌌 कृष्ण कहते हैं, नित्य वस्तु कभी नष्ट नहीं होती
कृष्ण नित्य के बारे में बात करते हैं। यह अविनाशी है। जीवन के सच्चे उद्देश्य को खोजना चाहिए।
  • 🌿 नित्य का सत्य — नित्य अविनाशी है, यह तुम्हारा आधार है।
💭 तुम्हारे जीवन का सच्चा उद्देश्य क्या है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।