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श्लोक : 11 / 28

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
उस दिव्य को प्राप्त करने के लिए, वेदों के ज्ञानी वेद के शब्दों को [ओम] उच्चारण करते हैं; संयमित भावनाओं वाले ऋषि उस ब्रह्मचर्य में इच्छापूर्वक प्रवेश करते हैं; उन सभी विचारों और क्रियाओं को मैं तुम्हें बताऊंगा।
🕉️ कृष्ण कहते हैं, क्या तुम्हारा मन दिव्यता की खोज कर रहा है?
कृष्ण दिव्यता प्राप्त करने के मार्ग बताते हैं। तुम्हारा मन किस दिशा में जा रहा है, इसका अन्वेषण करो।
  • 🧘 मन की शांति — मन की शांति तुम्हारे अंतर्मन को स्पष्ट करती है।
💭 तुम्हारा मन दिव्यता की खोज में कैसे संलग्न है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।