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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 26 / 30

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
अर्जुन, मैं अतीत, वर्तमान और भविष्य को जानता हूँ; और सभी जीवों को भी मैं जानता हूँ, लेकिन कोई भी मुझे नहीं जान पाएगा।
🕉️ कृष्ण की बुद्धि और तुम्हारे मन की छिपी भावनाएँ
कुरुक्षेत्र में, कृष्ण समय को जानते हैं। लेकिन, उन्हें पूरी तरह से कोई नहीं जान सकता। अपने मन की छिपी भावनाओं को जांचें।
  • 🌀 छिपी भावनाएँ — अंतर्मन की भावनाएँ प्रकट नहीं होतीं।
💭 क्या तुमने अपने मन की छिपी भावनाओं को महसूस किया?
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ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।