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श्लोक : 8 / 47

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
ज्ञान और समझदारी के विचारों के साथ, और स्थिर आत्मा जो संतोष प्राप्त कर चुकी है, निश्चित रूप से अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करेगी; ऐसी दृढ़ आत्मा को योगी कहा जाता है; उसके लिए, मिट्टी, पत्थर और सोना सभी एक समान हैं।
🧘 कुरुक्षेत्र: तुम्हारे मन की स्थिरता कहाँ है?
भगवान कृष्ण मन की स्थिरता को समझाते हैं। हमारे जीवन में आत्म संतोष बहुत महत्वपूर्ण है।
  • 🪨 वस्तुओं की समानता — पत्थर, मिट्टी, सोना सभी समान हैं।
💭 तुम्हारा मन कब वास्तव में संतुलित होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।