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श्लोक : 21 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
नियंत्रित मन और बुद्धि के साथ इच्छाओं से मुक्त होकर, और सभी संपत्तियों को छोड़कर, वह व्यक्ति केवल शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से पाप नहीं प्राप्त करता है।
🧘 कृष्ण कहते हैं नियंत्रण, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
कुरुक्षेत्र में कृष्ण मन के नियंत्रण की बात करते हैं। आज की दुनिया में, मन की शांति एक बड़ी चुनौती है।
  • 🔒 मन का नियंत्रण — मन की शांति तुम्हारे कार्यों को मार्गदर्शित करती है।
💭 तुम्हारे मन को नियंत्रित करना कैसे संभव है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।