गुस्से से, कल्पनात्मक माया उत्पन्न होती है; माया के कारण स्मृति भ्रमित होती है; स्मृति के भ्रमित होने के बाद, बुद्धि खो जाती है; और, बुद्धि के खोने के कारण, मनुष्य अंततः पतन में जाता है।
भगवान श्री कृष्ण
🔥 क्रोध भ्रम पैदा करता है, तुम्हारी बुद्धि कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में क्रोध के परिणाम स्पष्ट होते हैं। क्रोध तुम्हारी स्मृति को भ्रमित करता है। इससे, तुम सही निर्णय नहीं ले पाते।
- क्रोध का भ्रम — क्रोध तुम्हारे मन को भ्रमित करता है।
💭 तुम्हारा क्रोध तुम्हारे जीवन में क्या परिवर्तन लाता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।