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श्लोक : 61 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
अर्जुन, सभी आत्माओं के भीतर परमात्मा है; यह एक चक्र में घूमता है, जैसे सभी जीवों को गति देने के लिए घूमता है।
🌀 तुम्हारे भीतर परमात्मा का चक्र अनुभव
कृष्ण द्वारा कही गई यह सच्चाई, परमात्मा का चक्र। तुम्हारे कार्यों के पीछे की दिव्य शक्ति।
  • 🔄 घूमती शक्ति — भीतर परमात्मा घूम रहा है।
💭 क्या तुम अपने कार्यों के पीछे की दिव्य शक्ति को महसूस करते हो?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।