कुंठी के पुत्र, आग के धुएं की तरह ढके होने के बावजूद, काम में कमियाँ होना स्वाभाविक है, फिर भी एक रचना की शुरुआत में अपनी पूरी शक्ति को कभी मत छोड़ो।
भगवान श्री कृष्ण
🔥 आग के धुएं की तरह, कमियां होते हुए भी अपनी कोशिश जारी रखो।
कुरुक्षेत्र में कृष्ण अर्जुन से बात कर रहे हैं। कमियां होते हुए भी, पूरी कोशिश से काम करना चाहिए।
- कोहरा — कमियां तुम्हारी कोशिश को नहीं छुपा सकतीं।
💭 आप किस कोशिश में पूरी तीव्रता से कार्य कर रहे हैं?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।