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श्लोक : 14 / 24

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
मैंने अपने दुश्मन की आत्मा को मार डाला; मैं अपने अन्य दुश्मनों को भी मार दूंगा; निश्चित रूप से, मैं अधिपति हूँ; मैं आनंदित हूँ; मैं सही हूँ; मैं शक्तिशाली व्यक्ति हूँ; और, मैं बहुत खुश हूँ; इस तरह, अज्ञानी लोग भ्रमित होते हैं।
🔥 क्या अहंकार तुम्हारे मन को भ्रमित कर रहा है?
कृष्ण द्वारा कही गई इस बात में अहंकार का खतरा प्रकट होता है। आज, अहंकार तुम्हारे सही मार्ग को छिपा रहा है।
  • 😤 अहंकार की शक्ति — अहंकार तुम्हारे सही मार्ग को छिपाता है।
💭 तुम्हारा अहंकार तुम्हें किस हद तक प्रभावित करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।