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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 52 / 55

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
हे अर्जुन, तुमने जो मेरे रूप को देखा है, उसे देखना कठिन है; और देवताओं के लोक के देवता भी हमेशा इस रूप को देखने की इच्छा रखते हैं।
👁️ कृष्ण का दिव्य रूप: तुम्हारा मन कहाँ है?
कृष्ण अर्जुन को दिव्य रूप दिखाते हैं। यह एक दुर्लभ दर्शन है, जिसे कई लोग चाहते हैं।
  • 🌌 अद्भुत दर्शन — अद्भुतता मन की गहराई को छूती है।
💭 तुम्हारी ज़िंदगी में कौन सा क्षण तुम्हें दुर्लभ लगा?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।