बाएँ हाथ में धनुष लिए हुए, इसलिए, तुम उठो; अपनी महिमा को प्राप्त करो; अपने शत्रुओं को पराजित करो; समृद्ध राज्य का अनुभव करो; वास्तव में, ये सभी मनुष्य पहले से ही मेरे द्वारा मारे जा चुके हैं; अब, तुम केवल एक उपकरण हो।
भगवान श्री कृष्ण
🎯 कृष्ण कहते हैं, अपना कर्तव्य समझो और कार्य करो
कृष्ण अर्जुन से बात कर रहे हैं। कर्तव्य भावना को प्रोत्साहित करते हैं। अपने प्रयास में दृढ़ रहो।
- कर्तव्य भावना — कर्तव्य भावना तुम्हारे डर को छुपाती है।
💭 तुम्हारा डर तुम्हारे कर्तव्य को कैसे प्रभावित करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।