विष्णु प्राण, आकाश को छूने के लिए, विभिन्न रंगों, खुले मुँह, और चमकदार बड़े आँखों के साथ तुम्हारे रूप को देखकर, मेरा हृदय भयभीत हो गया है; मुझे किसी भी साहस या मानसिक संतुलन को प्राप्त नहीं हुआ।
अर्जुन
🌌 अर्जुन का भय, तुम्हारे मन की बेचैनी कहाँ?
अर्जुन कृष्ण के विश्वरूप को देखकर भयभीत होता है। आज भी कई लोग जीवन के दबावों में इसी तरह डरते हैं।
- भय का प्रभाव — भय तुम्हारे मन को भ्रमित करेगा।
💭 तुम्हारे जीवन में किस स्थिति में भय ने तुम्हें घेर लिया?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।