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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 5 / 34

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
और, मुझमें केवल जीव नहीं हैं; मेरी पूर्णता की स्थिति को थोड़ा देखो; मैं जीवों को बनाए रखता हूँ, उन जीवों का निवास स्थान मैं हूँ; मैं सभी जीवों की गाड़ी हूँ।
🌌 कृष्ण की पूर्णता, तुम्हारी आंतरिक शांति कहाँ है?
कृष्ण अपनी पूर्णता के बारे में बताते हैं। क्या तुम अपने जीवन में किसी से बंधे बिना आधार हो?
  • 🌀 आंतरिक शांति — आंतरिक शांति तुम्हारे मन का आधार है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन से बंधन तुम्हें नियंत्रित करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।