कृष्णा, यह मेरा संदेह है; इस संदेह को पूरी तरह से दूर करने के लिए मैं तुमसे पूछता हूँ; निश्चित रूप से, तुम्हारे अलावा इस संदेह को दूर करने वाला कोई मनुष्य नहीं है।
अर्जुन
❓ कृष्ण, तुम्हारा मन संदेहों को कहाँ हल करता है?
अर्जुन कृष्ण से अपने संदेहों को हल करने के लिए कहता है। आज भी हम में से कई भ्रमित हैं।
- संदेह की छाया — संदेह मन को उलझन में डालता है।
💭 आप अपने संदेहों को किसके साथ साझा करके समाधान पाते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।