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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 29 / 47

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
वह अपनी आत्मा को सभी जीवों में देखता है, और वह अपनी आत्मा में सभी जीवों को देखता है; वह, योग में डूबा हुआ, सभी स्थानों पर समान रूप से देखता है।
🧘 कृष्ण कहते हैं, तुम्हारे भीतर संतुलन कहाँ है?
कृष्ण योगी के संतुलन को समझाते हैं। तुम्हारे मन में शांति की खोज आज भी आवश्यक है।
  • 🌿 मन की शांति — शांति तुम्हारे भीतर की गहराई में छिपी है।
💭 तुम्हारे मन में शांति और संतुलन कितना महत्वपूर्ण है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।