निश्चित रूप से, कार्य को समझा जाना चाहिए; निषिद्ध कार्य भी समझा जाना चाहिए; निष्क्रियता को भी समझा जाना चाहिए; और, करने योग्य कार्य को समझना कठिन है।
भगवान श्री कृष्ण
🔍 कृष्ण द्वारा बताए गए कर्म के तीन आयाम, तुम्हारे जीवन में कहाँ?
कृष्ण कर्म के तीन आयामों को समझाते हैं। आज के जीवन में, कर्मों के परिणामों को भलीभांति समझना चाहिए।
- कर्म का परिणाम — कर्मों के परिणाम गहरे होते हैं।
💭 क्या आपने कभी अपने कर्मों के परिणामों पर विचार किया है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।