निश्चित रूप से, एक पल के लिए भी कोई कुछ किए बिना नहीं रह सकता; किसी के स्वभाव की अंतर्निहित विशेषताएँ बिना किसी सहायता के निश्चित रूप से उसके सभी कार्यों को करने के लिए बाध्य करती हैं।
भगवान श्री कृष्ण
🔥 कृष्ण कहते हैं, क्या निष्क्रियता संभव है?
कृष्ण क्रिया की अनिवार्यता समझाते हैं। प्रकृति के गुण हमें क्रियाशील बनाते हैं। निष्क्रियता प्रकृति के विरुद्ध है।
- प्रकृति का दबाव — अंतर्निहित गुण तुम्हें क्रियाशील बनाते हैं।
💭 तुम्हारी प्रकृति तुम्हें किस प्रकार क्रियाशील बनाती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।