कुंठी के पुत्र, यह ज्ञानी लोगों का नित्य शत्रु है; ज्ञानी लोगों का ज्ञान उस एकाग्रता से ढका हुआ है; इसे आग से भी संतोष प्राप्त करना कठिन है।
भगवान श्री कृष्ण
🔥 कुरुक्षेत्र में, इच्छा की आग तुम्हारे मन को जलाती है
कुरुक्षेत्र में इच्छा ज्ञानी लोगों की भी शत्रु है। यह बुद्धि को ढक देती है, जलती हुई आग की तरह।
- ढकी हुई बुद्धि — इच्छा तुम्हारी बुद्धि को छुपाती है।
💭 तुम्हारी जिंदगी में इच्छा कैसे बुद्धि को छुपाती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।