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श्लोक : 34 / 43

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
प्यार और नफरत इंद्रियों से इंद्रियों के लिए ही प्रकट होते हैं; ये निश्चित रूप से अच्छे मार्ग में बाधा डालते हैं, इसलिए मनुष्य को इनके नियंत्रण में नहीं आना चाहिए।
🌊 इंद्रियों की पकड़ में, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
कृष्ण इंद्रियों के प्रेम, घृणा से सावधान करते हैं। ये अच्छे मार्ग को रोकते हैं। इनके नियंत्रण में मत रहो।
  • 🔥 प्रेम घृणा — प्रेम और घृणा तुम्हारे मन को भ्रमित करेंगे।
💭 तुम्हारा प्रेम और घृणा तुम्हारी जिंदगी को कैसे प्रभावित करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।