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श्लोक : 20 / 43

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जनक राजा और अन्य लोग वास्तव में केवल कर्म के द्वारा पूर्णता को प्राप्त हुए; इसलिए, तुम भी दुनिया के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के योग्य हो।
🔥 कृष्ण कहते हैं, कर्म करना तुम्हारे जीवन की नींव है
कृष्ण का यह आदेश कर्म के महत्व को दर्शाता है। तुम्हारे कर्म से तुम भी दुनिया की भलाई में भागीदार बनो।
  • ⚖️ कर्म का महत्व — कर्महीन जीवन तुम्हारी प्रगति को रोकता है।
💭 तुम्हारे कर्म से दुनिया को क्या लाभ होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।