सुख-दुख, हानि-लाभ, और, विजय-पराजय इन सब में सम स्थिति के साथ युद्ध में संलग्न हो; इस मार्ग से ऐसा करने पर, तुम कभी भी पाप को प्राप्त नहीं करोगे।
भगवान श्री कृष्ण
⚖️ सुख, दुख, जीत, हार: तुम्हारी मन की शांति कहाँ है?
कृष्ण सुख, दुख, जीत में संतुलन पर जोर देते हैं। आज की जिंदगी में, हमें अपने मन को संतुलित रखना चाहिए।
- संतुलन आवश्यक — सुख दुख मन को प्रभावित नहीं करेंगे।
💭 आप संतुलन कैसे बनाए रखते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।