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श्लोक : 9 / 24

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
इस दृष्टिकोण से, विवेकहीन लोग अपने आप को खो देते हैं; वे इस दुनिया को नष्ट करने के लिए, हिंसा और बुरे कार्यों में लिप्त होते हैं।
🔥 अविवेकी दृष्टिकोण क्या तुम्हारी दुनिया को नष्ट कर रहा है?
कृष्ण यहाँ अविवेकी लोगों के मार्ग को समझाते हैं। वे बुरे कार्यों में लिप्त होकर खुद को खो देते हैं। यह हमारे जीवन में भी सच हो सकता है।
  • 🌪️ दृष्टिकोण — गलत दृष्टिकोण तुम्हारे मन को भ्रमित करेगा।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन सा दृष्टिकोण तुम्हें प्रभावित करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।