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श्लोक : 7 / 24

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
असुर स्वभाव वाले लोगों के लिए, क्रिया का क्या अर्थ है, यह समझ में नहीं आता; और, निष्क्रियता का क्या अर्थ है, यह भी नहीं समझते; उनके पास पवित्रता, अच्छे आचार और सत्यता नहीं होती।
🌀 क्या आपके भीतर असुर प्रवृत्ति है? कुरुक्षेत्र आपके मन में
यहां बताई गई मुख्य भावना असुर प्रवृत्ति के बारे में है। जब हमारे जीवन में सदाचार और सत्य欠缺 होता है, तो भ्रम उत्पन्न होता है।
  • 🌪️ असुर प्रवृत्ति — असुर प्रवृत्ति मन को भ्रमित करती है।
💭 आपके जीवन में असुर प्रवृत्ति कहाँ प्रकट होती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।