हवा सुगंध को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की तरह, आत्मा मन को एक शरीर से निकालकर, दूसरे शरीर में ले जाती है।
भगवान श्री कृष्ण
🍃 हवा की सुगंध की तरह, तुम्हारी आत्मा की यात्रा
कृष्ण आत्मा की यात्रा का वर्णन करते हैं। शरीर नष्ट होता है, आत्मा जारी रहती है। जीवन की अस्थिरता को समझना महत्वपूर्ण है।
- अस्थिरता की अनुभूति — जीवन की अस्थिरता मन को स्पष्ट करती है।
💭 तुम अपने जीवन की अस्थिरता को कैसे महसूस करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।