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श्लोक : 9 / 27

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भरत कुल के व्यक्ति, सत्व गुण आत्मा को आनंद के साथ जोड़ता है; तृष्णा [राजस] गुण आत्मा को फलदायक कार्यों के साथ लाता है; अज्ञानता [तमस] गुण ज्ञान को छिपाकर आत्मा को लापरवाही से जोड़ता है।
⚖️ सत्व, रजस, तमस — तुम्हारे मन की तीन आवाज़ें
भगवान कृष्ण तीन गुणों की व्याख्या करते हैं। ये तुम्हारी मानसिक स्थिति को बदलते हैं।
  • 💡 सत्व — शांति तुम्हारे भीतर को प्रकाशित करती है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन सा गुण अधिक प्रकट होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।