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श्लोक : 34 / 35

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भरत कुल का व्यक्ति, एक सूर्य इस ब्रह्मांड को पूरी तरह से चमकाता है; उसी प्रकार, यह आत्मा पूरे शरीर को चमकाती है।
🌞 शरीर के हर हिस्से में आत्मा की शांति
कृष्ण द्वारा कही गई इस भावना में रोशनी है। आत्मा शरीर की रोशनी है। आज के जीवन में मानसिक शांति की आवश्यकता है।
  • 💡 अंतर की रोशनी — अंतर की रोशनी आपके कार्यों का मार्गदर्शन करेगी।
💭 आपके मन की रोशनी आपके कार्यों में कैसे प्रकट होती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।