जो कुछ भी होता है, उसे स्वाभाविक रूप से क्रिया और परिणाम का कारण माना जाता है; एक आनंद का अनुभव करने वाला व्यक्ति, आत्मा को आनंद और दुख का कारण माना जाता है।
भगवान श्री कृष्ण
🌿 प्रकृति की शक्ति, आत्मा की भूमिका — तुम्हारा जीवन
कृष्ण प्रकृति की शक्ति को समझाते हैं। तुम्हारा मन और शरीर के अनुभव आत्मा को प्रभावित करते हैं।
- प्रकृति की शक्ति — प्रकृति कार्यों और उनके परिणामों का कारण है।
💭 तुम्हारे अनुभव आत्मा को कैसे आकार देते हैं?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।