इसलिए, यदि तुम अपने मन को मुझमें स्थिर नहीं कर पाते, तो किसी भी इच्छित देवता की बार-बार पूजा करके मुझ तक पहुँच सकते हो।
भगवान श्री कृष्ण
🕊️ यदि मन को एकाग्र नहीं कर सकते, तो विकल्प खोजें
कृष्ण अर्जुन से बात कर रहे हैं। यदि मन को एकाग्र नहीं कर सकते, तो विकल्प खोजें।
- मन की उलझन — मन की उलझन आपके कार्यों को प्रभावित करती है।
💭 आप अपने मन को एकाग्र करने के लिए कौन से विकल्प खोज रहे हैं?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।