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श्लोक : 11 / 20

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
यदि तुम मुझमें भक्ति करने में सक्षम नहीं हो, तो आत्म-नियंत्रण के साथ फलदायी कार्यों के फलों से दूर रहो।
🕊️ अपने कर्मों के फल में आसक्ति न रखो
कृष्ण अर्जुन से भक्ति के मार्ग की बात करते हैं। फल की आसक्ति छोड़कर कर्म करो। यह तुम्हारे मन को शांत करेगा।
  • 🌿 आत्म-नियंत्रण — आत्म-नियंत्रण तुम्हारे मन को शांत करेगा।
💭 तुम अपने कर्मों के फल को कैसे छोड़ने का प्रयास करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।