No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 8 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
मैं ही सभी का रूप; सब कुछ मुझसे शुरू होता है; इसे सोचकर, ज्ञानी व्यक्ति मेरी उपस्थिति को पूरी तरह से स्वीकार कर मुझे प्रणाम करता है।
🌌 कृष्ण कहते हैं, क्या तुमने अपने भीतर के आधार को पहचाना?
कृष्ण द्वारा कही गई यह सच्चाई आधार की भावना को प्रकट करती है। तुम्हारे जीवन में हर चीज का एक आधार है।
  • 🌱 आधार की भावना — तुम्हारे कार्यों का आधार तुम्हारे भीतर है।
💭 क्या तुमने अपने जीवन का आधार पहचाना है?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।