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श्लोक : 20 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
कुडकेशा, मैं सभी जीवों की आत्मा में निवास करता हूँ; वास्तव में, मैं सभी जीवों की शुरुआत, केंद्र और अंत हूँ।
🌌 क्या तुमने अपने भीतर दिव्यता को महसूस किया?
कृष्ण कहते हैं, वह सभी जीवों की आत्मा हैं। क्या तुमने अपने भीतर दिव्य एकता को महसूस किया?
  • 🔍 आंतरिक खोज — आंतरिक खोज तुम्हारे मन को गहरा बनाती है।
💭 क्या तुमने अपने भीतर दिव्य एकता को महसूस किया?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।