जब दिन आता है, सब कुछ उस स्थान पर प्रकट होता है जो प्रकट नहीं हुआ है; जब रात आती है, सब कुछ उस स्थान से फिर से अवशोषित हो जाता है जो प्रकट हुआ है।
भगवान श्री कृष्ण
🌗 दिन का उजाला, रात की शांति — तुम्हारे जीवन का चक्र
यहाँ वर्णित मुख्य भावना चक्र है। हमारा जीवन भी इसी प्रकार घूमता है।
- दिन का उजाला — दिन का उजाला तुम्हारी गतिविधियों को प्रेरित करता है।
💭 तुम्हारा मन दिन के उजाले और रात की शांति में कैसे कार्य करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।