No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 8 / 30

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
कुंठी के पुत्र, मैं पानी का स्वाद हूँ; मैं सूर्य और चंद्रमा में चमकता हूँ; सभी वेदों में मैं 'ओम' नामक पवित्र अक्षर हूँ; मैं आकाश का ध्वनि हूँ; मैं मानव की वीरता हूँ।
💫 कृष्ण कहते हैं शक्ति का रूप तुम्हारे भीतर
कृष्ण खुद को असीम शक्तियों के रूप में बताते हैं। अपने जीवन में इन शक्तियों को पहचानो और कार्य करो।
  • 💧 पानी का स्वाद — रिश्तों में मिठास तुम्हारे मन को शांति देगी।
💭 तुम्हारे जीवन में किस स्थान पर इन शक्तियों को महसूस करते हो?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।