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श्लोक : 18 / 47

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जब आत्मा में विचारों को नियंत्रित किया जाता है, तब वह वास्तव में छोटे सुखों की इच्छाओं से मुक्त हो जाता है; इसलिए, उस समय, वह शुभता में रहने में आनंदित होता है।
🧘 अंतर में शांति, जीवन में आनंद का क्षण
कृष्ण योग के माध्यम से मन की शांति की बात करते हैं। इससे छोटी इच्छाएँ समाप्त होती हैं। मन की शांति सच्चा आनंद देती है।
  • 🧠 मन की शांति — मन की शांति आंतरिक शांति को उत्पन्न करती है।
💭 तुम्हारी मन की शांति अभी किस स्थिति में है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।