No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 14 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
'कार्य करना' मुझे कलंकित नहीं करता; मैं कार्यों के फल देने वाले परिणामों की इच्छा नहीं करता; इस मार्ग में मुझे जानने वाला व्यक्ति, कार्यों के फल देने वाले परिणामों के लिए निश्चित रूप से कार्य नहीं करेगा।
🌀 कृष्ण के शब्द, अपने कर्मों के फल में लिप्त हुए बिना कर्म करो
कृष्ण कर्मों के प्रभावों से मुक्त करते हैं। अपने जीवन में कर्मों के फलों को छोड़ने का प्रयास करो।
  • 🔄 कर्म का चक्र — कर्मों के परिणाम तुम्हारे मन को मोहित करेंगे।
💭 क्या तुम्हारा मन कर्मों के फलों को छोड़ने के लिए तैयार है?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।