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श्लोक : 41 / 43

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भारत कुल के व्यक्ति के रूप में, पाप के इस बड़े संकेत को शुरुआत में ही अपने इंद्रियों को नियंत्रित करके छोड़ दें; यह निश्चित रूप से ज्ञान की समझ को नष्ट करता है।
🔥 इंद्रियों के जाल में, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
कृष्ण इंद्रियों को नियंत्रित करने की सलाह देते हैं। यह मन की शांति का मार्ग है।
  • 👁️ इंद्रियों की इच्छा — इंद्रियों की इच्छा मन को भ्रमित करती है।
💭 तुम्हारी इंद्रियों की इच्छाएँ तुम्हारी मन की शांति को कैसे प्रभावित करती हैं?
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ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।