कर्मों को किए बिना मनुष्य निष्क्रियता को प्राप्त नहीं कर सकता; और केवल त्याग से मनुष्य पूर्णता को प्राप्त नहीं कर सकता।
भगवान श्री कृष्ण
🌀 निष्क्रिय मनोवृत्ति, तुम्हारी आध्यात्मिक प्रगति को रोकती है
कुरुक्षेत्र में कर्म का महत्व बताया गया है। निष्क्रियता से पूर्णता नहीं मिलती। कर्म में संलग्न होकर आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त करनी चाहिए।
- कर्म का महत्व — निष्क्रिय मन आध्यात्मिक प्रगति को रोकता है।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।