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श्लोक : 18 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
ज्ञात ज्ञान, ज्ञात किया जाने वाला ज्ञान और सीखने वाला; ये क्रियाओं के तीन प्रकार के प्रेरक तत्व हैं; इस प्रकार, कारण, क्रियाएँ और क्रियाकर्ता कर्म के तीन संयोजनों का निर्माण करते हैं।
🧠 कृष्ण द्वारा बताए गए ज्ञान के तीन पहलू
कृष्ण तीन पहलुओं का उल्लेख करते हैं: ज्ञान, जिसे जानना चाहिए, और जानने वाला। ये कार्यों के मूल कारण हैं।
  • 🔍 ज्ञान — ज्ञान की खोज तुम्हारे मन को स्पष्ट करेगी।
💭 तुम अपने दैनिक कार्यों में कितनी मात्रा में ज्ञान का उपयोग करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।