जो दान दिया जाता है, उसे सही समय और सही स्थान पर, बिना किसी अपेक्षा के, योग्य व्यक्ति को दिया जाना चाहिए; ऐसा दान शुभ [सत्त्व] गुण के साथ होता है।
भगवान श्री कृष्ण
🕊️ दान का समय, स्थान, व्यक्ति — तुम्हारा मन कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में दान के गुणों की बात होती है। क्या तुम्हारे कार्य भलाई की ओर बढ़ रहे हैं?
- दान की महिमा — दान मन के सत्व गुण को प्रकट करता है।
💭 तुम्हारे दान कितनी भलाई उत्पन्न करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।